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असरदार रहा 'किसान कर्फ्यू', धरतीपुत्रों ने भरी हुंकार

 



चंडीगढ़, 

25 सितंबर, 2020


केंद्र सरकार द्वारा हालही में लाए गए कृषि विधेयकों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) की अगुवाई में विभिन्न किसान संगठनों व किसानों के आह्वान पर आज भारत बंंद के रूप में आयोजित चक्का जाम जिसे 'किसान कर्फ्यू' का नाम दिया गया काफी असरदार रहा.

देशभर में किसानों की हुंकार विरोध प्रदर्शन के रूप में गूँजी जिसकी दस्तक सरकार व आमजन तक भी सुनाई दी. 




इसी सिलसिले के तहत विरोध प्रदर्शन हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश व दिल्ली के सीमांत इलाकों में जोरदार रहा.

किसान प्रदर्शन 'किसान कर्फ्यू' के चलते रेल व सड़क यातायात कईं जगहों पर बाधित रहा, जगह-जगह किसानों ने डेरा डाल ट्रैक्टर-ट्रालियों से रास्ता जाम करके रखा.

यूं तो पूरे हरियाणा में किसानों ने कृषि अध्यादेशों के विरोध में अपनी आवाज़ उठाई मग़र प्रदेश में मुख्य तौर से अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, रोहतक, जींद और हिसार में प्रदर्शन काफी असरदार रहा.

साथ लगते पंजाब में भी किसानों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान दिन भर पूरी ताकत झोंक कर रखी और रेल मार्गों पर कब्ज़ा रखा.

वहीं यूपी में बीकेयू के नेतृत्व में 'किसान कर्फ्यू' बुलंद रहा उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों से लेकर दिल्ली बॉर्डर तक चक्का जाम का बोलबाला रहा.






बीकेयू मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि केंद्र सरकार के द्वारा पारित किए गए तीन कृषि बिलों के विरोध में किसानों ने देश में पूर्ण बंद किया। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को पूर्णतः बन्द किया गया। हरियाणा, पंजाब में बाजार सहित सभी संस्थान बंद रहे।


बीकेयू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत
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बीकेयू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत

बंद में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत पानीपत-खटीमा मार्ग लालूखेडी मुजफ्फरनगर में, राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत राष्ट्रीय राजमार्ग 58 रामपुर तिराहा, नावला कोठी, रोहाना चौकी मुजफ्फरनगर में शामिल हुए। 

भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष रतनसिंह मान कैथल व करनाल में शामिल रहे। पंजाब के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह लाखोवाल लुधियाना में मौजूद रहे।

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