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कृषि विधेयकों पर नहीं थम रहा घमासान, अब 25 सितंबर को देशव्यापी 'किसान कर्फ्यू'




चंडीगढ़,

21 सितंबर, 2020


केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि विधेयकों के विरोध में चल रहा किसान आंदोलन अब और भी व्यापक रूप ले सकता है।

हालहि में जनसभा व चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन कर सरकार की नाक में दम करने के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अब आगामी 25 सितम्बर को देशव्यापी 'किसान कर्फ्यू' का ऐलान किया है।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज कहा है कि संसद में पारित किये गये तीन कृषि बिलों के विरोध में 25 सितम्बर को देश भर में भाकियू चक्का जाम (किसान कर्फ्यू) कर प्रदर्शन करेगी।

टिकैत ने कहा, "सरकार बहुमत के नशे में चूर है। देश की संसद के इतिहास में पहली दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि अन्नदाता से जुड़े तीन कृषि विधेयकों को पारित करते समय न तो कोई चर्चा की और न ही इस पर किसी सांसद को सवाल करने का सवाल करने का अधिकार दिया गया। यह भारत के लोकतन्त्र के अध्याय में काला दिन है।"

टिकैत ने आरोप लगाया कि आज देश की सरकार पीछे के रास्ते से किसानों के समर्थन मूल्य का अधिकार छीनना चाहती है। जिससे देश का किसान बर्बाद हो जायेगा। मण्डी के बाहर खरीद पर कोई शुल्क न होने से देश की मण्डी व्यवस्था समाप्त हो जायेगी। सरकार धीरे-धीरे फसल खरीदी से हाथ खींच लेगी। किसान को बाजार के हवाले छोड़कर देश की खेती को मजबूत नहीं किया जा सकता। इसके परिणाम पूर्व में भी विश्व व्यापार संगठन के रूप में मिले हैं। भारतीय किसान यूनियन इस हक की लडाई को मजबूती के साथ लडेगी। सरकार अगर हठधर्मिता पर अड़िग है तो किसान भी पीछे हटने वाला नहीं है। 

टिकैत ने ऐलान किया है कि 25 तारीख को पूरे देश का किसान इन बिलों के विरोध में सड़क पर उतरेगा। जब तक कोई समझौता नहीं होगा तब तक पूरे देश का किसान सड़कों पर रहेगा। 

कथित कृषि विधेयकों को लेकर देशभर में किसानों द्वारा विरोध किया जा रहा है। राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक राजनीतिक घमासान भी मचा हुआ है।

हालही में हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आंदोलन के दौरान किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। प्रदेश में भाकियू की अगुवाई में किसानों द्वारा चक्का जाम भी किया गया।




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