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कोरोना लॉकडाउन: हरियाणा में लौटेगी पुरानी किताबों की अदला-बदली वाली परम्परा



चंडीगढ़, 
11 अप्रैल, 2020

मौजूदा कोरोना महामारी के चलते  देश-विदेश में लोग घरों में बंद हैं और समय व्यतीत (टाईम पास) करने के से लेकर जीवन यापन के नए-नए ढंगों को विकसित कर रहे हैं.

पुराने ज़माने के खेल, पकवान व अन्य कईं तौर-तरीके भी मज़बूरन लोगों की जिंदगी में आजकल वापस लौट आए हैं.

लॉकडाउन के मद्देनज़र विवशता में कुशलता का परिचय देते हुए ऐसा एक फैसला हरियाणा में शिक्षा विभाग की तरफ से लिया गया है जिसके अंतर्गत छात्र अब पुरानी पद्धति कोई दोहराते हुए पुरानी पुस्तकें एक-दूसरे को आदान-प्रदान करेंगे.




राज्य के शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने स्कूली विद्यार्थियों का आह्वान किया है कि वे देश में लॉकडाउन को देखते हुए पाठ्यपुस्तकों को परस्पर आदान-प्रदान से प्राप्त कर लें और सरकार द्वारा लॉकडाउन हटते ही राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पुस्तकों को पहुंचा दिया जाएगा.

इसके अतिरिक्त, उन्होंने पुस्तकों का आदान-प्रदान करते समय कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हिदायतों का अनुपालना करने की अवश्यकता पर भी बल दिया.

शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों में पाठ्यपुस्तक वितरण को लेकर निर्देश जारी कर सोशल डिस्टेंस के साथ सोशल सर्विस की शुरुआत की पहल की गई है जिसके तहत लॉकडाउन के चलते छात्रों को आपस मे ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.

निर्देशों के अनुसार परीक्षा में पास हुए बच्चे अपनी पुरानी कक्षा की पुस्तकें पड़ोस के दूसरे बच्चों को उपलब्ध कराएंगे.

सोशल डिस्टेंस रखते हुए छात्र एक दूसरे को अपनी पुस्तकें देंगे जिसके लिए अभिभावकों और एसएमसी से भी छात्रों की मदद करने की अपील की गई है.

लॉक डाऊन खुलने के बाद छात्रों को नई पुस्तकें दी जाएंगी.



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