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बिजली सेवा दरों में बढ़ोतरी कर भाजपा सरकार ने तोड़ी जनता की कमर: सुरजेवाला



चंडीगढ़,
20 जुलाई, 2019

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राष्ट्रीय रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा बिजली के मीटरों सहित बिजली सेवा दरों में 100 से 500 फीसदी बढ़ोत्तरी को प्रदेश की गरीब जनता के साथ अन्याय और भद्दा मज़ाक बताया है।

आज जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के ज़रिये सुरजेवाला ने कहा, "मनोहर लाल खट्टर सरकार ने बिजली मीटरों का किराया बढ़ाकर साबित कर दिया है कि लोकसभा चुनावों में मिली जीत के घमंड में उसे प्रदेश की जनता के सुख-दुःख से कोई सरोकार नहीं रह गया है। जनता पहले ही महंगाई की मार झेल रही है, भाजपा की गलत नीतियों और भारी टैक्सों के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रही हैं और अब बिजली सेवा दरों में भारी बढ़ोत्तरी कर दी गयी है, जिससे प्रदेश की जनता ठगा महसूस कर रही है।"

सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने बिजली मीटर का किराया बढ़ाकर 150 फीसदी कर दिया गया है। इसी प्रकार एप्लीकेशन की प्रोसेसिंग चार्ज को बढ़ाकर 500 फीसदी कर दिया गया है। यहां तक की सरकार ने मीटर और लाइन को चेक करवाने के लिए भी चार्ज लगा दिया है। जबकि पहले प्रदेश के नागरिकों को इसका कोई चार्ज नहीं देना पड़ता था, लेकिन अब उनको हजारों रुपये का भुगतान करना पड़ेगा।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता व कैथल विधायक ने दावा किया है कि कांग्रेस कार्यकाल में दो किलोवाट पर एप्लीकेशन प्रोसेसिंग चार्ज  केवल 10 रुपये था, लेकिन अब इसे भाजपा सरकार द्वारा 500 फीसदी बढा़कर 50 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार दो किलोवाट से ऊपर के एप्लीकेशन चार्ज 20 रूपए प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 25 रुपये प्रति किलोवाट किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले मीटर इंस्पेक्शन और टेस्टिंग चार्ज सिंगल फेस पर 50 रुपये तथा थ्री फेस पर 100 रुपये थे। लेकिन मौजूदा सरकार ने 200 प्रतिशत बढ़ाकार अब सिंगल फेस पर 100 रुपये तथा थ्री फेस के लिए 200 रुपये कर दिया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अब किसी लाइन, ट्रांसफार्मर व टेस्टिंग के लिए भी चार्ज देना पड़ेगा। जबकि पहले यह निशुल्क था। अगर कोई व्यक्ति एई और एईईई को टेस्टिंग के लिए बुलाता है तो उसे 6800 रुपये, जेई के लिए 4400 रुपये व हेल्पर के लिए 1800 रुपये का भारी भरकम भुगतान करना पड़ेगा।

सुरजेवाला ने कहा कि मौजूदा सरकार प्रदेश की जनता के खून पसीने की कमाई को सरकार अपने खजाने में भरने का काम कर रही है। विधानसभा चुनाव से ऐन पहले अगर सरकार जनता को राहत देने की बजाए उसको कोई ना कोई नया कर या सरकारी सुविधाओं पर चार्ज बढ़ाकर उनको परेशान करने की कोशिश कर रही है, तो लोकसभा चुनाव में जीत के बाद उसके घमंड और दम्भ का अंदाजा भली भांति लगाया जा सकता है, इसलिए अब इस सरकार को चलता करने का समय आ गया है।

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