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सिरसा लोकसभा क्षेत्र में 254 मतदान केन्द्र अति संवेदनशील घोषित



चण्डीगढ़, 
25 मार्च, 2019

आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र प्रदेश के सिरसा लोकसभा क्षेत्र में शांतिपूर्वक मतदान सुनिश्चित करने के लिए कुल 480 मतदान केन्द्रों को अति संवेदनशील व संवेदनशील घोषित किया गया है इनमें से 254 मतदान केन्द्र अति संवेदनशील तथा 226 मतदान केन्द्र संवेदनशील घोषित किए गए हैं।



सिरसा लोकसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी प्रभजोत सिंह ने बताया कि 42-कालांवाली (आरक्षित) में 51 मतदान केन्द्रों को अति संवेदनशील तथा 67 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि 43-डबवाली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 66 केन्द्रों को अति संवेदनशील तथा 54 को संवेदनशील घोषित किया गया है। इस प्रकार पूरे लोकसभा क्षेत्र में डबवाली विधानसभा क्षेत्र के कुल 120 मतदान केन्द्रों की पहचान अति संवेदनशील व संवेदनशील के रूप में की गई है जो संसदीय क्षेत्र में सबसे अधिक है। 

उन्होंने बताया कि 44-रानिया विधानसभा क्षेत्र में 74 मतदान केन्द्रों की पहचान अति संवेदनशील व 19 की पहचान संवेदनशील के रूप में की गई है। इसी प्रकार 45-सिरसा विधानसभा क्षेत्र में कुल 28 मतदान केन्द्रों को अति संवेदनशील व 27 को संवेदनशील घोषित किया गया है। इसी कड़ी में 46-ऐलनाबाद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र मेंं 35 मतदान केन्द्रों की पहचान अति संवेदनशील व 59 की पहचान संवेदनशील क्षेत्र के रूप में की गई है।

रिटर्निंग अधिकारी ने और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि पूरे संसदीय क्षेत्र में पिछले चुनाव के दौरान हुई घटनाओं को मद्देनजर रखते हुए अति संवेदनशील व संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है।  आयोग के निर्देशानुसार इन सभी मतदान केन्द्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी और मतदान केन्द्रों में माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती भी की जाएगी जो पल-पल की स्थिति की सूचना निर्वाचन कार्यालय में देेंगे। इसके अलावा, इन मतदान केन्द्रों में पुलिस फोर्स की भी विशेष रूप से तैनाती की जाएगी। 

उन्होंनेे बताया कि फ्लाइंग स्कवाड और स्टेटिक सर्वेलांस टीम की भी इन क्षेत्रों में विशेष नजर रहेगी और सभी टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन क्षेत्रों में हर प्रकार की घटनाओं की पहले से ही वीडियोग्राफी करवाएं। उन्होंने बताया कि धनराशि के वितरण, अवैध रूप से दिए गए विभिन्न प्रकार के गिफ्ट आइटम तथा मतदाताओं पर जोर-जबरदस्ती की घटनाएं सामने आने पर ऐसे लोगों के खिलाफ आरपी एक्ट 1951 तथा आईपीसी के तहत कार्यवाही की जाएगी। 

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