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12 फरवरी को हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ में एक लाख के करीब वकील काम बंद रखेंगे', राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत करेंगे विरोध-प्रदर्शन



चंडीगढ़,
11 फरवरी, 2019

अधिवक्ताओं की लंबित मांगों को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के आह्वान पर 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ से तकरीबन 1 लाख वकील मंगलवार को काम बंद रखेंगे।



आज यह जानकारी देते हुए बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चेयरमैन डॉ विजेन्द्र सिंह अहलावत ने बताया कि 12 फरवरी को सभी वकील कार्य का बहिष्कार करेंगे और इस दिन राज्य के मुख्यालय में स्थित हाईकोर्ट से वकील विरोध-प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन देंगे।

दरअसल देश भर के वकीलों के लिए लम्बे समय से बीसीआई केंद्र से मांग उठा रही है जिन पर सरकार की तरफ से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

बार काउंसिल की मांग कि नए जरूरतमंद वकीलों को पांच साल तक 10,000 रूपये प्रतिमाह स्टाइपैंड दिया जाए, केन्द्र सरकार वकीलों व याचिकाकत्र्ताओं के लिए बजट में 5000 करोड़ रूपये का प्रावधान करे, वकीलों को फ्री मेडिक्लेम, वकील की मृत्यु पर 50 लाख रूपये आश्रित को दिये जाएं, वृद्ध वकीलों की पैंशन हो, वकीलों के लिए चैम्बर, बैठने की सुविधा, लाब्रेरी व इंटरनेट जैसी जरूरी सुविधाएं हों, हाउसिंग स्कीम हो, विभिन्न ट्रिब्यूनल, फोरम, कमीशन आदि में पूर्व जजों के अतिरिक्त योग्य वकीलों को भी सदस्य बनाने का प्रावधान किया जाए आदि शामिल हैं।

बार काउंसिल आरोप है कि हाल ही पेश किए गए केंद्रीय बजट में वकीलों की अनदेखी की गयी है और अधिवक्ताओं के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया। 

अहलावत ने बताया कि 12 फरवरी को एनसीआर, पंजाब एंड हरियाणा की बार एसोसिएशन्स, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन्स, सुप्रीम कोर्ट ऑन रिकार्ड एसोसिएशन सहित हजारों वकील दिल्ली में पटियाला हाउस से जन्तर-मन्तर तक विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे।


अहलावत ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने 2 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखकर, उनके द्वारा 1 मार्च 2014 को गांधीनगर, गुजरात में बार काउंसिल ऑफ इंडिया से किए गए वायदों को पूरा करने की मांग की। लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा कोई कार्यवाही न होने पर मीटिंग में रोष जताया गया तथा विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने बताया कि 2 फरवरी 2019 को दिल्ली में हुई बार काउंसिल ऑफ इंडिया की मीटिंग में उक्त निर्णय लिए गए। बार काउंसिल मीटिंग में, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को प्रधानमंत्री, मंत्रियों सहित सभी राजनैतिक पार्टियों के नेताओं से अपनी मांगों के समर्थन में मिलने के लिए अधिकृत किया है।

अहलावत का कहना है कि वकील उन पार्टियों का समर्थन करेंगे जो उनकी मांगों को मानेगी या 2019 के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल करेगी।

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