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रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम दोषी करार, पीड़ित बेटे ने की फांसी की मांग



चंडीगढ़,
11जनवरी, 2019

सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया है। सजा का फैंसला 17 जनवरी को सुनाया जायेगा।

कोर्ट ने राम रहीम समेत सभी चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम, कृष्ण लाल, कुलदीप और निर्मल को आईपीसी की धारा 302 और 120 बी के के तहत दोषी करार दिया है।

इसके साथ ही निर्मल को 25 आर्म्स एक्ट और कृष्ण लाल को सेक्शन 29 ऑफ आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी करार दिया गया।

साध्वियों के शोषण और बलात्कार के जुर्म में राम रहीम जेलमें सजा काट रहे हैं। शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये सीबीआई कोर्ट में गुरमीत राम रहीम की पेशी हुई।

15 साल से भी ज्यादा समय लगा पीड़ित परिवार को इन्साफ मिलने में।



पत्रकारों से बात करते हुए रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने कोर्ट से दोषियों के लिए फांसी की मांग की है।

रामचंद्र छत्रपति सिरसा से अपना संध्या अखबार पूरा सच छापते थे, 2002 में छत्रपति ने अपने अखबार में डेरे में धर्म के नाम साध्वियों के शोषण से सम्बंधित खबर को उजागर किया जीवन बर्बाद'' शीर्षक से खबर छाप दी।
 
इसके बाद रामचंद्र छत्रपति को धमकियां मिलनी शुरु हुई पर छत्रपति मामले को उजागर करते रहे और  अक्टूबर, 2002 में रामचंद्र छत्रपति को गोलियां मारी गयी जिसके चलते नवंबर 2002 में अस्पताल में मौत हो गई थी।

रामचंद्र के बेटे अंशुल ने 2003 में याचिका दायर की जिसके फलस्वरूप पंजाब एंव हरियाणा हाई कोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। उसी साल डेरे ने याचिका डाल सीबीआई जांच पर रोक के लिए याचिका दायर की मगर 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच बरकरार रखने के आदेश दिए।

जुलाई 2007 में सीबीआई ने राम रहीम समेत अन्य आरोपियों केखिलाफ चार्जशीट दायर की।


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