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इनेलो अंतर्कलह पर बोले अजय चौटाला "याचना नहीं अब रण होगा"



चंडीगढ़,
5 नवंबर, 2018 

पिछले तक़रीबन एक महीने से हरियाणा के मुख्य विपक्षी दल इंडियन नैशनल लोकदल में "उत्तराधिकार" को लेकर छिड़े घमासान ने आज उस समय नया मोड़ ले लिया जब पार्टी सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला के बड़े पुत्र अजय सिंह चौटाला ने पार्टी से निलंबित अपने पुत्रों दुष्यंत और दिग्विजय के समर्थन में खुलकर आते हुए रण का ऐलान कर दियाl 

तिहाड़ जेल से पैरोल पर बाहर आते ही दिल्ली में अपने समर्थकों को सम्बोधित करते हुए, अजय चौटाला ने कहा कि इनेलो किसी की बाप की बपौती नहीं हैl 

यही नहीं, बल्कि पार्टी में अपने विरोधियों की तरफ इशारा करते हुए अजय सिंह ने महाभारत के प्रसंग का हवाला देते हुए यहाँ तक कह डाला की "याचना नहीं अब रण होगा, जीवन नहीं मरण होगा"l 

इशारा साफ़-साफ़ उनके छोटे भाई व वरिष्ठ इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला की तरफ था जिनके साथ अजय सिंह के पुत्र दुष्यंत और दिग्विजय "उत्तराधिकार" की लड़ाई लड़ रहे हैंl 

हालांकि, अजय सिंह ने अपने समर्थकों को यह साफ कर दिया के वो पार्टी के किसी नेता और खासकर के चौटाला परिवार के किसी भी सदस्य के खिलाफ कोई अभद्र टिपण्णी सहन नहीं करेंगे पर पार्टी में "उत्तराधिकार और नेतृत्व की लड़ाई" को लेकर उन्होंने अपने मनसूबों भी ये कहकर साफ़ कर दिया के "ओम प्रकाश चौटाला तो खुद कहते हैं की अधिकार मांगने से नहीं, छीनने से मिलता है"l

अजय सिंह चौटाला ने अपने दादा और पूर्व उप-प्रधानमंत्री देवी लाल की संघर्ष भूमि जींद को शक्ति प्रदर्शन के लिए मुक़र्रर किया है जहाँ वो आने वाली 17 नवंबर को रैली करेंगेl

एक ज़माने में इनेलो के लोकप्रिय प्रचारक रहे अजय सिंह ने यह भी कहा कि इनेलो के छात्र संगठन इंडियन नैशनल स्टूडेंट आर्गेनाईजेशन (इनसो) के संस्थापक वो हैं इसलिए इनसो को कोई भंग नहीं कर सकताl 

उन्होंने ने कहा के वो अपने उन सब समर्थकों से भी माफ़ी मांगते हैं जिन्हें पिछले वर्षों में विभिन्न मंचो पर पार्टी के दूसरे नेताओँ ने अपमानित कियाl 

चौटाला परिवार में मतभेदों को लेकर अंतर्कलह का शिकार हुई इनेलो आजकल आजकल भरी संकट से जूझ रही हैl हिसार सांसद दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय के पार्टी से निलंबन के बाद इनेलो दो गुटों में बँट गयी हैl 

पार्टी से बड़ी तादाद में युवा नेता इस्तीफ़ा देकर दुष्यंत के पक्ष में खड़े हो गये हैं और कुछ वर्तमान विधायक भी खुलकर उनके समर्थन में आ गए हैंl वहीँ संगठन की बाग़डोर आजकल उनके चाचा एंव विधान सभा में नेता  प्रतिपक्ष अभय सिंह के हाथ में हैl 

दोनों गुट आजकल कार्यकर्ताओं के बीच अपना-अपना शक्ति प्रदर्शन दिखने में जुटे हुए हैंl 

अब देखना ये है के आने वाली 17 नवंबर को जींद रैली में अजय सिंह चौटाला व उनके सुपुत्र दुष्यंत चौटाला क्या ऐलान करते हैं और अनुशासनहीनता के आधार पर अपने दोनों पौत्रों दुष्यंत और दिग्विजय को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने वाले इनेलो राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश चौटाला का अगला बड़ा फैंसला क्या होता हैl   

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