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प्रदेश की राजनीति में तूल पकड़ रहा गन्ने की फसल का मुद्दा



चंडीगढ़,
25 दिसंबर, 2018

गन्ने की फसल का मुद्दा हरियाणा की राजनीति में तूल पकड़ रहा हैl गन्ने के भाव घोषित न करने को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा मनोहर लाल खट्टर सरकार की निंदा के बाद अब प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने इस मुद्दे को विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में पुरजोर तरीके से उठाने का ऐलान किया हैl

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व वरिष्ठ इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने आज कहा है कि मौजूदा पिड़ाई सीजन चालू है जबकि गन्ना मिलों ने किसानों की पिछली फसल का भुगतान अभी तक नहीं किया हैl मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए चौटाला ने कहा कि गन्ने की फसल का मुद्दा बहुत अहम है और उनकी पार्टी विभिन्न स्तरों पर सरकार पर दबाव बना रही है ताकि किसानों के गन्ने के भुगतान को लेकर प्रभावी कदम उठाए जा सकेंl

चौटाला ने कहा कि भले ही राज्य सरकार ने बहुत छोटा सत्र बुलाया है परन्तु उनकी पार्टी लोकहित से जुड़े अहम मुद्दों को सत्र के दौरान पुरजोर तरीके से उठाएगीl उन्होंने बताया की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर कईं 'ध्यान आकर्षण' प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष को इनेलो की तरफ से दिए गए हैंl

इनेलो नेता का कहना है कि निजी क्षेत्र में आरक्षण और प्रदेश में शिक्षा के गिरते स्तर से सम्बंधित के मुद्दों को भी आगामी सत्र में उठाया जाएगाl

गौरतलब है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को हरियाणा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि प्रदेश में गन्ने का भाव घोषित न होने के कारण शुगर मिलों ने अभी तक भुगतान शुरू नहीं किया है, जबकि शुगर मिलों में पिराई शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है परन्तु अभी तक न तो गन्ने का भाव घोषित हुआ और न ही भुगतान शुरू हुआ है, जिससे सारे गन्ना किसान परेशान हैं। इस किसान विरोधी सरकार की उपेक्षा के कारण आज हरियाणा के किसानों के लिए मीठा गन्ना कड़वाहट का कारण बन गया है।

राज्य सरकार ने 28 दिसंबर को विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुलाया हैl गन्ने की फसल के अलावा विपक्षी दल इनेलो और कांग्रेस की सत्तारूढ़ बीजेपी को अन्य कईं मुद्दों पर घेरने की तैयारी हैl सत्र के खूब हंगामेदार होने के आसार हैंl

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